दे-दे मुझको ज्ञान शारदे




दे दे मुझको ज्ञान शारदे, दे दे मुझको ज्ञान।
मैं हूं याचक तेरे मठ का, रखना मेरा ध्यान।।

स्वेत हंस की करो सवारी,बीणा रखतीं हाथ,
मेरे मन में आन विराजो, करदो मुझे सनाथ,
संत हमेशा कहते आए, देती हरदम साथ।
पढ़-लिखकर मैं बनूं सिपाही,रखूं देश की शान…१

अंतर मेरा उजला कर दे, जैसा तेरा चीर,
धूमिल पानी मैं धरती का, करदे निर्मल नीर,
कृपा अगर तेरी हो जाए, मंत्र बोलता कीर,
तेरा यश संतों ने गाया, मिला जगत में मान….२

मांं बच्चों को अंक लगा ले,कर दे कर की छांव,
आगे आगे चलता जाऊं, रखूं ना पीछे पांव,
पालक बनकर करूं बिजाई, हरा भरा हो गांव,
भारत की माटी में गूंजे, युगों-युगों तक गान….३

श्वेत कमल सिंहासन तेरा, सब जीवों में वास,
पल-पल तेरी ओर निहारूं, है तुमसे ही आस,
ऐसा हमको पाठ पढ़ा दो,मिटे तमस का त्रास,
कंठ संभालो आकर माता, छेड़ सुरीली तान…4
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      कमलेश नागवंशी-बनखेड़ी 🌹 
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